कार्यक्रम की फ़ोटो के दो लिंक है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जयपुर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मुंशी प्रेमचंद जी की 143 वी जयंती पर सम्मान समारोह का आयोजन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भामाशाहों व मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई।

डॉ अंजू सक्सेना द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई


कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सीमा वालिया माथुर द्वारा किया गया

कार्यक्रम के संयोजक जिला अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद जी की 143 वी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर चार श्रेणियों में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें तीन श्रेणियां कविता, कहानी और समीक्षा का समाज के साहित्यकारों के लिए तथा चौथी श्रेणी समीक्षा, सर्व समाज के साहित्यकारों के लिए थी। इसमें संपूर्ण देश से 124 साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाएं भेजी।
साहित्यकारों की रचनाओं के चयन के लिए श्री श्री कृष्ण शर्मा जी के नेतृत्व में चार वरिष्ठ साहित्यकारों की टीम बनाई गई, जिन्होंने 78 साहित्यकारों का चयन किया। जयंती के अवसर पर समाज के भामाशाहों श्री अजीत सक्सेना, श्रीराधे गोविंद माथुर व श्री रतन सक्सेना व अन्य के सहयोग से 62 साहित्यकारों को शॉल दुपट्टा सम्मान-पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय विजेताओं को क्रमशः ₹11000, 7000 व 5000 की नगद राशि दी गई।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धीरज श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी का बड़ा नाम है और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जयपुर के प्रयास मुंशी जी के विचारों को और आगे बढ़ाएंगे।

कार्यक्रम में जिला महामंत्री रवि माथुर ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगली बार और भव्य आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई दी व भामाशाह को धन्यवाद प्रकट किया।

